बंद करे

स्थानीय

माँ पीताम्बरा मंदिर में प्रवेश के दौरान दर्शनार्थियों को दिखाना होगा परचिय पत्र

पबलिश्ड ऑन: 22/03/2021

कोरोना संक्रमण को देखते हुए माँ पीताम्बरा मंदिर में प्रवेश के दौरान दर्शनार्थियों को दिखाना होगा परचिय पत्र दतिया, 15 मार्च  2021/ महाराष्ट्र एवं अन्य राज्यों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दतिया में स्थित माँ पीताम्बरा पीठ में दर्शन करने वाले श्रृद्धालुओं को ऐतियात के तौर पर मंदिर के प्रवेश द्वार अपना […]

और

कलेक्टर द्वारा फसल गिरदावरी का निरीक्षण

पबलिश्ड ऑन: 18/01/2021

दिनांक 14-01-2021 को कलेक्टर श्री संजय कुमार ने जिले ग्रामीण अंचलों का दौरा कर खेतों पर पहुंचकर बोई गई फसल गिरदावरी का निरीक्षण कर ऑफलाइन एवं ऑनलाइन ऐप पर बोई गई फसलों का मिलान किया| उन्होंने इस दौरान संबंधित क्षेत्र के पटवारियों को ऑनलाइन एंट्री करते वक्त विशेष सावधानी बरतने के निर्देश देते हुए कहा […]

और

मकर संक्रांति 2021

पबलिश्ड ऑन: 18/01/2021

कलेक्टर संजय कुमार ने मकर संक्रांति का पर्व गुरूवार को ग्राम हसापुर पहुंचकर आदिवासी बस्ती में ग्रामीणों के बीच मनाया | कलेक्टर ने  ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत भी जानी | इस दौरान उन्होंने बच्चों को बिस्किट्स, गजक आदि भी वितरित किए | कलेक्टर ने इस दौरान अपना […]

और

कलेक्टर द्वारा दतिया शहर भ्रमण

पबलिश्ड ऑन: 04/01/2021

कलेक्टर महोदय द्वारा 28-12-2020 को दतिया शहर में भ्रमण किया गया एवं परीक्षण किया गया |

और

अंतिम पांत अभियान के तहत् कलेक्टर पहंचे ग्राम भांसड़ाखुर्द।

पबलिश्ड ऑन: 31/12/2020

ग्रामीणों से चर्चा कर जानी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत दतिया, 30 दिसम्बर 2020/ जिला प्रशासन द्वारा समाज के सबसे अति गरीब व्यक्ति को योजनाओं के मिलने वाले लाभ की जानकारी लेने तथा परिवार की माली हालत में कैसे सुधार लाया जाए इसके लिए जिले में अंतिम पांत अभियान की एक अभिनव पहल की […]

और

ग्वालियर कमिश्नर निर्वाचन बैठक 28-10-2020

पबलिश्ड ऑन: 28/10/2020

दिनांक 28-10-2020 को श्री आशीष जैन, आयुक्त महोदय ग्वालियर संभाग द्वारा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समस्त नोडल अधिकारीयों की बैठक में समीक्षा की एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज जाकर निरीक्षण किया |

और

विजय दिवस

पबलिश्ड ऑन: 16/12/2019

विजय दिवस भारत में हर 16 दिसंबर को मनाया जाता है, क्योंकि यह 1971 में पाकिस्तान से बांग्लादेश की स्वतंत्रता के लिए युद्ध के दौरान पाकिस्तान पर अपनी सैन्य जीत का प्रतीक है।

और